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0418 : प्रभु में और उसकी शक्ति के

1. प्रभु में और उसकी शक्ति के प्रभाव में बलवंत बनो उसके लिए देह आत्मा प्राण अपना अर्पण करो। ताकि तुम सिद्ध होकर पूर्ण विश्वास के साथ परमेश्वर की इच्छा पर स्थिर रहो। 2. प्रभु के उस प्रेम को जानो जो ज्ञान से बहुत परे हैं कि तुम परमेश्वर की पूर्णता से भरपूर होते जाओ। 3. उन बातों को सर्वोत्तम जानो जो परमेश्वर को भाता है सच्चे रहकर निर्दोष बनकर महिमा और स्तुति करो। 4. अपनी बुद्धि की कमर कस लो आत्मा में संयमित हो जाओ पूरी आशा प्रभु पर रखो आज्ञा मानना सीखो