HindiBrethren

0344 : ऐ खुदाया तेरे दर पर जो भी आया है

ऐ खुदाया तेरे दर पर जो भी आया है, जिन्दगी भर तेरी रहमत का उस पे साया है। 1. मैंने पाया है तुझे हर समय करीब मेरे, काली रातों सा धूँआ दिल पे जब भी छाया है। 2. धुल गये दाग गुणाहों के तेरी रहमत से, सूली से बहते हुए खून में जो नहाया है। 3. अब संभल जा कि चला वक्त बहुत तेजी से, लौट के आजा खुदा ने तुझे बुलाया है।