HindiBrethren

0037 : स्तुति करो तुम स्तुति करो

स्तुति करो तुम स्तुति करो याह की स्तुति तुम करो। 1. हे सब दूतों और सारी सेना, सूर्य चन्द्रमा ज्योतिर्मय तारे, प्रभु की स्तुति करो। 2.. हे ऊँचे आकाश ऊपर के जो जल, सृजा तुम ही को आज्ञा देकर, सृजक की स्तुति करो। 3. हे मगरमच्छो और गहरे सागर, अग्नि ओले हिम कुहरे बयार, कर्ता की स्तुति करो । 4. हे सब राजा हाकिम न्यायियों, बालक कुँवारी जवान, वृद्धो साम्राट की स्तुति करो।