0038 : यीशु तेरा मधुर स्मरण दिल को उभारता है
Tune: Jesus the very thought यीशु तेरा मधुर स्मरण दिल को उभारता है, स्तुति के योग्य बलिदान तुझको चढ़ाते है। 1. शब्द हमारे है निर्बल फिर कैसे हो वर्णन, स्वर्गीय प्रेम अक्षय अटल करते उस पर मनन। 2. टूटे हृदय की तू ही आस सन्तों का है आनन्द, गिरते हुओं का मित्र खास भक्तों का खुदावन्द। 3. धन्य है तू तेरा वैभव दूतगण भी है मगन, स्वर्ग की तू शोभा गौरव पिता तुझसे प्रसन्न। 4. कलीसिया का उन्नत सिर धर्मी का प्रतिफल, यीशु तू लेने आता फिर होगा जीवन सफल।