0481 : आपकी दास्तां प्यार की है मसीह
आपकी दास्तां प्यार की है मसीह (2) हर कदम जो चले, जिंदगी है हसीन (2) 1. ठोकरों के जहान से, मिली ठोकरे वो मसीह जो मिला, मिल गई बरकते अब मसीह से मिली, है नहीं हसरते ।(2) 2. जिंदगी की बहारे तेरी राह पर क्रूस तेरा उठा चल दिए राह पर हम चले है जिधर , रोशनी है उधर । (2) 3. छा गया था अंधेरा मेरी राह पर आ गया था मसीह दीप बन राह पर अब नहीं डर रहा, मौत की राह पर । (2)