0480 : खुदाया तू बिल्कुल, मुझे जानता है
खुदाया तू बिल्कुल, मुझे जानता है मेरा हाल सब कुछ, तू पहचानता है 1. मेरा उठना और बैठना जानता तू, मेरी दूर की सोच को पहचानता तू । 2. मेरे चलने और लेटने से तू आगाह, हया तुझपे है मेरी चाल और मेरी राह ।
खुदाया तू बिल्कुल, मुझे जानता है मेरा हाल सब कुछ, तू पहचानता है 1. मेरा उठना और बैठना जानता तू, मेरी दूर की सोच को पहचानता तू । 2. मेरे चलने और लेटने से तू आगाह, हया तुझपे है मेरी चाल और मेरी राह ।