0475 : प्रभु मेरा जीवन तूने
प्रभु मेरा जीवन तूने कितनी आशीषों से भरा इसलिए मैं कहता हूँ कि तुझसे प्यार है मुझे x 2 1. जब कोई गीत न था मन का कोई मीत न था ज़िन्दगी की राहोँ में कोई संगीत न था हर तरफ उदासी थी आँखे मेरी प्यासी थी मेरे जीवन में तू आया टूटी सारी आशा थी इसलिए मैं कहता हूँ तुझसे प्यार है मुझे 2. तुही मेरा स्वामी है अन्तर्यामी है संग तेरे चलने में कुछ नहीं हानि है तेरी स्तुति करता रहूँ गीत तेरे गाता रहूँ जीवन में मैंने अब यही ठानी है इसलिए मैं कहता हूँ तुझसे प्यार है मुझे 3. आता तेरे क्रूस तले तेरा प्यार मुझको मिले मात्र तू ही दाता है इस आकाश तले तेरी करुणा के विषय में तेरी कलवारी के विषय में सबको बताने में अबसे मेरा जीवन चले इसलिए मैं कहता हूँ तुझसे प्यार है मुझे