0427 : रखता हूं मसीह के वादों पर ईमान
Tune: Standing on the promises 1. रखता हूं मसीह के वादों पर ईमान, हर जमाना होवे उसकी हम्द हर आन, ‘उसकी होवे सन्ना’ करेंगे यह गान, है खुदा के वादों पर ईमान। कोः- रखता, रखता, रखता हूं खुदा के वादों पर भरोसा रखता, रखता, मैं रखता उसके वादों पर ईमान। 2. है ईमान उन वादों पर जो है चट्टान, जब कि शक्क और डर का होवे सख्त तुफान, जीतूंगा कलाम-ऐ-रब्ब से ब-गुमान, है खुदा के वादों पर ईमान। 3. है ईमान उन वादों पर और देखता हूं, सब गुनाह से धोता है मसीह का खून, किया मसीह ने आजाद मैं हूं ममनून, है खुदा के वादों पर ईमान। 4. है ईमान उन वादों पर हर बार, रहूंगा ता अबद बीच मसीह का प्यार, गलबा देती हर वक्त रूह का तेज तलवार, है खुदा के वादों पर ईमान। 5. है ईमान और तब मैं फिर न गिरूंगा, रूह की रहनुमाई नित जब सुनूंगा, और मसरूर जब मसीह में रहूंगा, है खुदा के वादों पर ईमान।