0426 : हमारा जीवन और तारणहारा है
हमारा जीवन और तारणहारा है, प्रभु यीशु। 1. यीशु को जो हैं ग्रहण करते, उनके नाम, जीवन की, पुस्तक में लिखे जाते है, विश्वासयोग्य, पवित्र यीशु का, जीवन पाके बढ़ते चलो। 2. परमेश्वर का प्रतिरूप होकर, यीशु प्रभु, अवतारा, मनुष्य रूप लेकर के, मृत्यु पर जयवन्त, पवित्र यीशु का, जीवन पाके बढ़ते चलो। 3. प्रभु यीशु के नवजवानों, प्राणों को, उसके लिए, देने को तैयार रहो, सच्चे प्रभु और पवित्र यीशु का, जीवन पाके बढ़ते चलो। 4. प्रभु का बुलावा जिन्होंने पाया, नव-जवानों, विजय को, विश्वास से पाते जाओ, शत्रु को यीशु के नाम से हराकर, हाल्लेलूयाह गीत जाओ।