0416 : हम तो राहे मसीहा पे मर जाएंगे
हम तो राहे मसीहा पे मर जाएंगे, नाम उसका जमाने में कर जाएंगे। 1. कोई कैद करे, कोई मारे हमें, नीच नामों से कोई पुकारे हमें, ये न समझो कि हम कोई डर जाएंगे। 2. मेरे माथे पे लिखा है नाम – ए – मसीह, मेरे हृदय में रहती है हरदम यादें, उसकी रूह – उल – कुदस से हम भर जाएंगे। 3. छोड़ो दुनिया जमाने के हर पाप को, उसके कदमों में गिर के क्षमा मांग लो, जो भी आएगा उससे क्षमा पाएगा।