0389 : आसमान में होगा
आसमान में होगा, मेरा भी एक मकान जिसमें रहेंगें हम जाके, छोड़ेंगें जब ये जहाँ। 1. मैं काहे घबराऊँ, मेरा भरोसा वही, उसने किया था वादा, वादा है सच्चा सही जगह बनाऊँगा जाके, अपने पिता के यहां। 2. लिखा गया मेम्ने की, पुस्तक में मेरा भी नाम मुझ पापी पर भी हुआ था, उसके फज़ल का काम उसने बचाया था मुझको, वह बड़ा मेहरबान।