0381 : धन्य तुझे हम कहते मसीहा
धन्य तुझे हम कहते मसीहा, तूने हमें है बचाया आशिषों को कैसे गिने हम, तूने हमें है बचाया। 1. कितनी अनूपम घड़ी है, महिमा तेरी हम गाते खुशियां जो पाई है हमनें, भेंट तुझको चढ़ातें हम है तेरी बगीया के फूल, तूने हमें है खिलाया। 2. जीवन के इस सफर में, मुश्किलें हजारों आती है साथ आत्मा तेरी, हर क्षण में हमें यह दिखाती कामना है यीशु तेरी, तूने हमें है बताया। 3. तेरे लिए हम जीएगें, यह कामना है हमारी छाया तेरी हो हम पर, यह प्रार्थना है हमारी धन्य हे यीशु तूने हमको मुक्ति की सूरत दिखाई।