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0375 : आशिष तुमसे चाहते है

आशिष तुमसे चाहते है, हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं। 1. कोई खूबी है न लियाकत बख्शो हमको अपनी ताकत, खाली दिलों को लाते हैं। 2. हमने बहुत खताएँ की है, रहे निकम्मे जफ़ाएं की है़, शर्म से सिर झुक जाते हैं। 3. तुम हो शक्तिमान प्रभु जी, दया भी है अपार प्रभु जी, स्तुति हम सब गाते हैं। 4. बंदे को तू कभी न भूले, दुःख सहे दुनिया में तूने, उस ही प्यार को चाहते हैं।