0374 : तेरी इच्छा पूरी हो जाए
तेरी इच्छा पूरी हो जाए हाथों में तेरे जीवन है यह, मैं मिट्टी हूँ, तू है कुम्हार मुझको उठा मुझको बना। 1. अपनी मर्जी पर मैं चलता रहा तुझको कभी भी अपना ना कहा, लेकिन प्रभु आज से मैं मेरे क्रूस को ले लेता हूँ। 2. जीवन मेरा तुम्हीं तो है, साथी आधार तुम ही बनो, मेरी उद्धार मेरी चट्टान तुम ही तो हो, तुम ही रहों।