HindiBrethren

0368 : यीशु है मेरी पनाह

यीशु है मेरी पनाह, वही है मेरी चटटान, लंगर मैं डालता उस पर जिस वक्त आ घेरते तूफान। 1. दुख से जब हूँ परेशान और जाना चाहता हूँ पार, तब उसका उम्दा कलाम रोशनी का होता मीनार। 2. दुनिया के इस सफर में फिक्रों का होता जब शोर, यीशु एक ही झिड़की से तोड़ता सब आंधी की जोर। 3. मुझको है पुरा यकीन पहुँचूगा जिस दिन किनार, सुनहरे साहिल पर मैं पाऊँगा उसका दीदार।