HindiBrethren

0358 : हम है प्रभु का स्वर्गीय घराना

हम है प्रभु का स्वर्गीय घराना, जिस में प्रभु खुद ही रहता है। 1. कैसा सुन्दर है प्रभु का घराना, चारों दिशाओं से बुलाया है, एक देह बने हैं नाता है लहू का, चाहे हजारों भाषा से हैं। 2. एक नया मनुष्य हम को बनाया, स्वर्गीय कुटुम्ब के तो हम सब है, एक साथ मिलकर गठकर रहते, ईश्वर का डेरा हम बनते है। 3. न कोई काला, गोरा धनी है, और ना गरीब कोई बड़ा भी है, न कोई छेाटा, अनपढ़ और ज्ञानी, यीशु प्रभु ही तो सब कुछ है। 4. प्रभु का घराना उस में न झगड़ा, न कोई ईर्षा, कपट, भेद है, शान्ति, आनंन्द और सच्चा प्रेम उस में, प्रभु ही तो उन को चलाता है। 5. वो दिन निकट है प्रियतम आएगा, जागते रहो उसने कहा है सच्चा विश्वासयोग्य बनकर रहते धीरज से बाट उसकी जोहते है।