0331 : नीले गगन में चमके हैं तारे
नीले गगन में चमके हैं तारे, दुनिया में वैसे ही चमकें हम, मीठे स्वरों में गाते हैं पंछी, यीशु की सन्ना गाएँ हम। 1. फूलों की खुशबू जैसे कि सारे, गुलशन को महकाती है, अपने असर से, इस दुनिया के गुलशन को महकाएं हम । 2. चाँद और सूरज जब जब चमके, अंधियारा मिट जाता है, कर दें उजाला जीवन से अपने, पापों की रातें मिटाएं हम । 3. जलती है बत्ती जब तक उसमें तेल दीये का बाकी है , जब तक हमारी है जिन्दगानी, नाम ए मसीह फैलाएँ हम।