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0317 : हर घड़ी चलता रहूं

हर घड़ी चलता रहूं तेरे साथ तेरे साथ । 1. तू ही है मेरी मंज़िले, तू ही है मेरी रोशनी, कैसे छोडूं मैं तुझे, तू ही है मेरी ज़िन्दगी, मुझको सिखा थामे रहूँ तेरे हाथ तेरे हाथ। 2. राहें मसीही ऐसी है कि उन पर चलना है कठिन, मुझको ऐसी शक्ति दो, चलता रहूं मैं रात और दिन, केवल तेरा वचन रहे मेरे साथ मेरे साथ। 3. मुझको संभालो हे प्रभु कभी निराश न होऊँ, अगर निराशा आये भी हिम्मत कभी न छोड़ दूं, हर कदम बढ़ता रहे तेरे पास तेरे पास।