0157 : मिल गई माफ़ी मुझे
मिल गई माफ़ी मुझे खून से तेरे येशु हर गुनाह धूल गए है खून से तेरे येशु 1. देख कर प्यार तेरा रो दिया ज़माना था ग़मो तकलीफ से छुटकारा हमने पाया था - (2) प्यार से सब को दिखाया है रास्ता अपना 2. छेदने वालों ने छेदा था बार बार उसे ताज काँटों का दे दिया था गुनाहों का उसे - (2) माफ़ उनको भी वो करता खुदा की राहों में