0152 : कितना भलाई मुझसे किया
कितना भलाई मुझसे किया कैसे मैं धन्य कहूँ प्रभु कैसे मैं धन्य कहूँ धन्य राजा धन्य राजा धन्यवाद हो सदा तेरी। 1. हाथों में थामकर, पुतली की नाई रात दिन रक्षा किया-2 2. दीनता में पड़ा था दया करके याद किया, तेरी स्तुति करूंगा-2 3. निर्बल जानकर त्यागा नहीं मुझको, दृढ़ किया अपने बल से-2 4. पापों से भरा था, कुछ भी आशा न था, बचा लिया अनुग्रह से 5. पाप मिटाकर श्राप हटाकर परिपूर्ण चंगा किया-2 6. मेरे लिए मरा तू, मेरे लिए जिया तू मेरे लिए आने वाला है-2 7. जो कुछ तूने किया मेरे लिए कैसे मैं वर्णन करूँ-2