0134 : हमसे बरनी न जाए
हमसे बरनी न जाए, मसीह, तुम्हारी महिमा। 1.तुम स्वर्ग छोड़ कर आये, तुम मुक्ति और जीवन लाये, पापी लिए बचाये। 2.अन्धों को आँखें दीना, कोढ़िन को चंगा कीना, मुर्दे दिए जिलाये। 3.सूली पर बरछी खाई, तू ने अमृत धार बहाई, दास सदा गुण गाए। 4.पानी पर चल दिखालाया, तू ने हवा को डांट थमाया कि, चेले लिए बचाय। 5.मेरे पाप क्षमा सब की ना, मेरे दिल मे दर्शन दी ना, की प्रभु से दिया मिलाये।