0108 : जलाल के बादशाह के साम्हने
1. जलाल के बादशाह के साम्हने ताज पहने हुए आराम और ज़िंदगी मुकाम हम सब पाएंगे । हल्लेलूयाह गाए हल्लेलूयाह (2) गाए हम सब, गाए हम सब। 2. अजीज मसीह के तख्त के पास जब हम पहुंचेंगे, दुख तकलीफ के बदले में चैन हम पाएंगे। 3. आँसू आँखों से यीशु जी सबके पोंछेगा, चौपान अज़ीज़ सब भेड़ों को आप चराएगा। 4. शैतान से डरते तुम क्यों हो खुदा के वारिसों, यीशु की तारीफ अब करो सब उठो जागो। 5. सुनो आवाज नरसिंगे की फरिश्ता फूंकता है, दूल्हा दुल्हिन को लेने को आसमान से आता है। 6. लिबास यीशु के लहू में करो पाक और साफ, बिना सफेद पोशाक वहाँ कोई न जाएगा।