0102 : पिता का पैगाम यीशु है लाया
Tune: God sent His Son 1. पिता का पैगाम यीशु है लाया, माफी शांति और दिव्य प्रेम का, बेदाग जीवन और पापबलि द्वारा, कर्ज जग का माफ किया, वह है मृत्युंजय। कोः- जलाली है, प्रभु आता है, मरणहार प्राणियों सर झुकाओ, हे मौत...तेरा डंक कहाँ रहा ? मेरा जीवन अर्पण है प्रभु चरणों में। 2. नव जन्म पाकर, ईश्वर का संतान, मैं बन गया,हाँ कितना आनन्द, महान अनुग्रह! इज्जत और जीवन, इसलिये मिला, क्योंकि प्रभु, वह जिन्दा है। 3. और फिर एक दिन, उस नदी पार कर, दर्द भरे तन की अंतिम लड़ाई, तेजोमय प्रभु का मुँह जरूर देखूँगा, क्षण भर का कष्ट दूर हुआ, हल्लेलुय्याह!