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0060 : यीशु ने कलवरी दुःख क्यों सह लिया?

यीशु ने कलवरी दुःख क्यों सह लिया? मुझ पापी में क्या देखा था, कोई खूबी न थी, कोई खूबी नहीं, मुझमें कोई भी खूबी नहीं । 1. प्रेमियों ने तो छोड़ दिया था, कोई न मेरा था तेरे ही सिवाय। 2. पाप में मर के जी उदास हुआ, जीना ही मेरा था मौत की तरह। 3. पाँव से न मैं तेरी राह चला, हाथ से मैंने न तेरी सेवा की। 4. नैन से मैंने पाप किया था, जीभ से मैंने न तेरी महिमा की। 5 प्रेम की सन्ति क्या मन देऊं? सोच सोच मैं उसके पांव पर गिरुं।