0049 : तारिफ, तारिफ-तारिफ
तारिफ, तारिफ-तारिफ मिलकर करो सारे तारिफ, यीशु की जो है प्यारी मुंजी। 1. उसने ही हम सब को बनाया, जो कुछ दिखता उसने रचाया, सारे जहां का है वह शहंशाह। 2. पापों से वह पाक है करता, सारी खताए माफ वह करता, सारे रोगों को करता चंगा। 3. उसकी मौत से जिन्दगी है पाई, आशा नई एक उसने दिलाई, बैठेंगे तख्त पर फतहमन्द ही। 4. हम्द ओ सन्ना हम मिलके करेंगे, सदा वहां पर उसी को ताकेंगे, गीत नया वहां गाऐंगे।