0028 : जिस क्रूस पर यीशु मुआ था
Tune: When I survey the जिस क्रूस पर यीशु मुआ था वह क्रूस अद्भुत जब देखता हूं, संसारी लाभ को टोटा सा और यश को निन्दा जानता हूं। 1. मत फूल जा मेरे मूरख मन इस लोक के सुख और संपत पर, हो ख्रिस्त के मरण से प्रसन्न और उस पर सारी आशा धर। 2. देख उसके सिर हाथ पाँव के घाव यह कैसा दुःख और कैसा प्यार, अनूठा है यह प्रेम स्वभाव अनूप यह जग का तारणहार। 3. जो तीनों लोक दे सकता मैं इस प्रेम के योग्य यह होता क्यों! हे यीशु प्रेमी आपके तई मैं देह और प्राण चढ़ाता हूँ। 29 W 1. आनन्द आनन्द आनन्द है अब्दी मुहब्बत से हमें प्रेम किया, अपना बेटा हमें बना लिया ये हमारा सौभाग्य है। कोः- हल्लेलुयाह सदा गायेंगे हम प्रभु यीशु के लिए । (2) 2. आनन्द, आनन्द, आनन्द है आनन्द के तेल से मस्सा किया हैं, पवित्र स्थान में दाखिल हुए ये हमारा सौभाग्य है। 3. आनन्द,आनन्द,आनन्द है प्रभु की स्तुति करना आनन्द हैं, प्रभु की सेवा करेंगे सदा ये हमारा सौभाग्य है। 4. आनन्द,आनन्द,आनन्द है प्रभु के आगमन की हमें खुशी है, ले जायेगा हमें ललकार के साथ ये हमारा सौभाग्य है। 5. आनन्द,आनन्द,आनन्द है सिय्योन जलाल में वास करेंगे, बाप के दहिने बैठा करेंगे ये हमारा सौभाग्य है।