0024 : धन्यवाद सदा प्रभु ख्रिस्त तुझे
धन्यवाद सदा प्रभु ख्रिस्त तुझे तेरे सन्मुख शीश नवाते है, हम तेरी आराधना करने को दरबार में तेरे आते है । 1. धन्य वीरों का इस मण्डली के तेरे नाम पर जो बलिदान हुए, हम उनके साहस त्याग को ले नित्य आगे बढ़ते जाते है । 2. जिस क्रूस पर तेरा रक्त बहा संसार के पापी जन के लिये, उस क्रूस-ध्वजा से प्रेम तेरा हम दुनिया में फैलाते हैं । 3. अपराध क्षमा कर दयानिधि, बल पौरूष दे अगुवाई कर, फिर अपने तन मन जीवन को वेदी पर आज चढ़ाते हैं ।