1405 : पापां तो आज़ाद हो के बन्दा बन रब्ब दा
पापां तो आज़ाद हो के बन्दा बन रब्ब दा जिहडे़ काम आया ओसे काम क्यों नहीं लगदा। 1. अदन दे विच जिहड़ा तेरे नाल बोलिया, बन के मसीहा ओहने भेद सारा खोलिया, सुनके आवाज ओहदे वल क्यों नहीं भजदा। 2. आया सी मसीहा प्यारा तेरे ही बचान नू, आप होया दुखी तेरी बिगडी़ बनान नूं, ओहदे वल मूर्खा तू छेती क्यों नहीं भजदा। 3. रब्ब ने बनाया तैनू मिट्टी दे खिड़ौनियां, करना ए मान काहदा,घड़ी दे परौनयां, ऐ नहीं तेरा देश तैनूं चंगा भला लभदा। 4. देखिया अमालनामा जदों तेरा जाएगा दोज़खां दा हुक्म सुनाया ओहदों जायेगा पता लगू तैनू जदों लाबूं लगू आग दा।