1225 : खुदावन्द नू उडीकदी रह
खुदावन्द नू उडीकदी रह आराम नाल मेरी जान, कि उसतो मेरी है उम्मीद ओ मेरी है चट्टान। 1. ओ मेरी जान दा किला है, नज़ात ते पनाहगाह, सो मैं तो अपनी जगह तो ना कदी टलांगा। 2. खुदा ते मेरी है नजात, है उसतो मेरी शान, खुदावन्द मेरी पनाह है, जोर मेरे दी चट्टान। 3. आस उस दे उत्ते रखो सब, ऐ उमत्तों सदा, झुकाओ उसदे अगे सिर कि ओहो है खुदा।