0743 : कोई नहीं ये जानता है
कोई नहीं ये जानता है मौत कब आ जाएगी (2) 1. करले तौबा आज गुनाह से वक्त तेरे पास है द्वार जीवन का खुला है जीने की इक आस है । 2. दे सहारा आज उनको हो गए जो बेसहारा कलवरी के पास आने का तू उनको दे सहारा । 3. गर मसीहा साथ तेरे राह तेरी कट जाएगी ज़िंदगी से लाखों ज़िंदगी बच जाएगी ।