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0711 : मैं पापी हूँ प्रभुजी

मैं पापी हूँ प्रभुजी, तु ने मुझको अपनाया फिर भी मेरे मसीहा मैंने तुझे ठुकराया। 1. मैंने छोड़ा तुझको, पाप को मैंने न छोड़ा, फिर भी मेरे मसीहा तू ने न मुझको छोड़ा। 2. याद आता है मुझको, क्रूस का वो नज़ारा, मेरे गुणाहों की खातिर, बहती है लहू की धारा ।