0704 : जिन्दगी के हर सवाल का
जिन्दगी के हर सवाल का इक जवाब है मसीह, पढ़िए इसे बड़े प्यार से इक किताब है मसीह। 1. अपनी हथेली पर मेरी तस्वीर है बनाई, रखता भी आंसुओ का तू हिसाब है मसीह। 2. जब मैं गिरा हुआ था कोई पास भी ना आया, मुझे ढूंढने को आया तेरा प्यार है मसीह।