0496 : डरो मत चुपचाप खड़े रहो
डरो मत चुपचाप खड़े रहो खुदा की नजात के काम देखो 1. वो ही पानी जो डराता था और रास्ता भी नहीं देता था (2) हुवमें खुद को वो ही पानी बस मुर्दा हो बैठा था (2) 2. पूर्वी हवाऐ जब चलती है खुश्क जमीन छे जाती है (2) पानी दों का डेर लग जाता है ऊंची दीवार बन जाती है (2) डरो मत चुपचाप खड़े रहो 3. खुदावन की सन्ना मैं गाऊँगा जमाम से फतह मंद हुआ (2) खुदावंन मेरा साहबे जंग है खुदवंन मेरा जोड़ मेरा किया । डरो मत चुपचाप खड़े रहो