0456 : सम्पूर्ण जीवन मेरा
सम्पूर्ण जीवन मेरा प्रभु तुम्हारा है, प्यारे प्रभुजी मेरे जीवन का सहारा है। 1. जब मैं गुनाहों में खोया था, पापों में बिल्कुल सोया था, अपने पवित्र लहू से, धोया तू ही ने पापों को, धोकर मुझे अब शुद्ध किया, मेरे हृदय को साफ किया। 2. तुझसे जब मैं भटक गया, जीवन को तूने सहारा दिया, अच्छा चरवाहा बनकर, तूने मुझे तब ढ़ूंढ़ लिया, अब से प्रभु मैं गाऊंगा, तेरा सुसमाचार सुनाऊंगा। 3. प्रभु ने मुझे बचा लिया, पापों का बोझ भी हटा दिया, अनुग्रह, शांति और प्रेम दिया, अपने जीवन से भर दिया, पापों से मन फिराओ तुम, दिल से विश्वास लाओ तुम।