0453 : यीशु रखना हमें
यीशु रखना हमें साये में अपनी सदा, हमें बचाना प्रभु बचाना सारे गुनाहों से (2) 1. शैतान की वो राहें मुझको बहकाती है, उसकी जो बातें है मुझको सताती है, मुझको न दूर कर मेरे मसीहा, अपनी निगाहों से (2) 2. थामों यह मेरा हाथ छोड़ों न मेरा साथ, हारा हुआ हूं मैं सुन लो यह मेरी बात, मुझको दो माफी मेरे मसीहा सारी खताओं से (2)