0429 : अपनों को तो इस दुनिया में
अपनों को तो इस दुनिया में सब प्यार करते हैं, दुश्मन को भी प्यार करना मसीहा सीखातें है। 1. एक गाल पर कोई मारे जो चांटा, दूसरा गाल भी देना, ले जाए कोई एक मील जबरन, तो दो मील तुम साथ जाना, अपनों को तो अपना सब कुछ, सब लोग देते हैं, गैरों पर भी सब कुछ लुटाना मसीहा सीखातें है। 2. अपनों से जैसा वैसा ही अपने पड़ोसी से प्यार करो, यीशु मरा तेरे पापों के कारण, ये विश्वास करो, अपनों पर तो लोग यहां पर, एतबार करते है, कलामे खुदा पर विश्वास करना, मसीहा सीखातें है। 3. जो दे तुमको कांटे उसका दामन फूलों से भर दो, यीशु ने तुमको माफ किया तुम भी सब को माफ कर दो, अपनों को तो गुनाहों की माफी सब लोग देते है, गैरों को भी माफ करना मसीहा सीखातें है।