0324 : यीशु मसीह ही मेरा गीत है
यीशु मसीह ही मेरा गीत है, यीशु मसीह मेरा संगीत है, गाता रहूंगा मैं हरदम उसे सबसे प्यारा वही गीत है। 1. जीवन के तारों को छेड़ा जो मैंने, पाया कि उसमें है जीवन नहीं, अपने विधाता की महिमा करूंगा, ज़िन्दा हूं लेकिन यह जीवन नहीं, यीशु को पाकर के मैंने जो गाया, सबसे अनोखा वही गीत है । 2. यीशु मसीह है मेरा सहारा उसके सहारे मैं चलता रहूंगा, जितना मैं उसके संग संग चलूंगा, उसके अनुरूप ढलता रहूंगा, मेरा भरोसा है केवल उसी पर वह मेरा रक्षक वही गीत है । 3. राही मसीही बढ़ते ही रहना, अब तेरी मंजिल आने लगी है, दुनिया में फंसकर हार न जाना, आवाज़ मंज़िल से आने लगी है, दुनिया से हारो, तो हारा न समझो, सचमुच में तेरी यही जीत है।