0313 : तेरे साथ हम चलें
तेरे साथ हम चलें, जीवन तब हमें मिले, तेरे पथ पर हम बढ़ें, मंजिल तब हमें मिले। 1. जिन्दगी में थी विरानियां और जीवन सूना सूना था, हसीन थी जहान की रोशनी, मगर मन में अन्धकार था, कैसे भूलें वह घड़ी, हमको तुम मिले मसीह, जिन्दगी में रंग भर दिया। 2. जिन्दगी की राहों में मसीह हम को तुम बढ़ाते चलो, आये गर तूफान राहों में, तुम रोशनी दिखाते चलो, बढ़ चलेंगे काफिले पा ही लेंगे मंजिलें, जब हमसफर हमारा तुम रहो।