0127 : करूणा तेरी अपरम्पार
करूणा तेरी अपरम्पार, प्रेम ईश्वर तेरा है आपार, धन्यवाद करते शीश निवाते, अवर्णनीय है प्रेम तेरा। 1. राजाधिराजा और परमेश्वर, प्रभुओं का प्रभु यीशु ही है, अनन्तकाल का तू है पिता, शांति का दाता और राजकुमार। 2. पाप से छुटकारा लहू से, निष्कलंक निर्दोष मेम्नें के, राज पदधारी और याजक गण, पवित्र लोग और निज प्रजा। 3. स्वर्ग में विराजमान दूतों की, स्तुति के योग्य तू ही है, भूमि पर हम तेरे जो जन है, आराधना तेरी करते है। 4. स्तुति रूपी बलिदान चढ़ाते है, चरणों में तेरे झुकते है, यीशु मसीह तेरे बलिदान को, स्मरण करके नमते है।