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0123 : मेरो मन लागो

मेरो मन लागो (2) प्रभु जी के ध्यान (2)। मेरो मन लागो (2) प्रभु जी के ध्यान (2)। 1.प्रेम की तेरी रीत निराली , तेरी निराली शान। 2 पापिन कारण क्रूस उठाई, दे दी अपनी जान। 3. जो प्रभु तेरी शरण में आया, बच गये उसके प्राण। 4. जिसने तेरा दामन छुआ, पाई शिफा उसी आन। 5. विनती हमारी सूनिए, प्रभु जी, दीजे अपना ज्ञान।