0093 : वन्दना करते हैं हम
वन्दना करते हैं हम (2) हृदय को तेरे सामने, लाकर रखतें हैं हम 1. हृदय में मेरे मसीहा, जीवन दीप जला हृदय के पापों को धोकर, प्रेम की राह दिखा । 2. मैं हूँ निर्बल मानव , पापों के सागर में खोया , अब तुम संभालो यीशु जी , भवसागर में हूँ खोया । 3. शक्ति दे दो मुझको, मेरा नहीं कोई मीत, जीवन को मेरे ले लो, गाऊँ मैं तेरे ही गीत ।