0088 : धन्य धन्य तुझको
धन्य धन्य तुझको, प्रभु हम कहते बारम्बार। 1. अंधियारे जीवन में हमारे प्रेम का दीप जलाया, पाप कपट सब दूर हुए हृदय में तेज जगाया, तेरी होवे जय जयकार (3) प्रभु हम कहते बारम्बार। 2. पर्वत तेरी शान बताते सागर प्रेम तिहारा, चाँद सितारों में जो देखा पाया रूप तिहारा, सब जीवन के आधार। (3) प्रभु हम कहते बारम्बार। 3. कृपा दीन दयाल ही हो तुम द्वार तिहारे आए, आत्म दान बलिदान करो हम कब से आस लगाए, तेरी महिमा अपरम्पार, (3) तुझे हम कहते बारम्बार।