0072 : शीश नवाये प्रभु वन्दन करते
शीश नवाये प्रभु वन्दन करते, पाये पडे़ हम प्रभु कीर्तन करते। 1. पापी जगत का तारन करने, प्रीत पधारे प्रभु वन्दन करते। 2. पूरे हृदय से भजें तुझे हम, सुबुद्धि दीजे प्रभु वन्दन करते। 3. हर्षित मन है आज हमारा, भाग मिला प्रभु वन्दन करते। 4. दुखी निराशा देखा हमें जब, द्वारे तुम आये प्रभु वन्दन करते। 5. आज हमारे मन हैं उच्चारते, जय प्रभु जय हम वन्दन करते।