0008 : भजने आए हैं पिता जी
भजने आए हैं पिता जी आत्मा सच्चाई से तुझको, झुकते हैं प्रणाम करके, आए हैं हम भजने भजने। 1. देन पुत्र की है दीनी, सर्वदा भण्डार से जो, हे पिता त्रिएक स्वामी, आए है हम भजने भजने। 2. पापियों का मित्र तू है पाप को तू मिटाने आया, तू है सच्चा मुक्ति दाता, आए है हम भजने भजने। 3. सत्य मार्ग जीवन तू है, पिता से हम को मिलाने आया, सिद्ध चरवाहा तू ही है, आए हैं हम भजने भजने। 4. सिर तेरा है जैसे सोना, प्रेम भरी है आँखें तेरी, तू बुलाता प्रेम से है, आए हैं हम भजने भजने । 5. जख्मी हाथ हैं कैसे सुंदर, तूने जय पाई है सब पर, अपना प्रभु जान के तुझको, आए हैं हम भजने भजने । 6. मण्डली का प्रधान तू है, और सिरे का पत्थर भी है, राजाओं का राजा तू है आए हैं हम भजने भजने। 7. ज्ञान तू ही है पिता का, दूत भी मिलकर यह गाते भक्त तेरे मिल-जुल गाते, हाल्लेलूयाह आमीन आमीन।