पाठ 25 : यीशु बीमारों को चंगा करता है - 3
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सारांश
यीशु और उसके चेले यरीहो में थे और एक बड़ी भीड़ उसके पीछे चल रही थी? तिमाई का पुत्र बरतिमाई जो अंधा था उस समय सड़के के किनारे बैठा था जब यीशु वहाँ से जा रहा था। जब उसने सुना कि नासरी यीशु वहाँ से जा रहा है, वह जोर-जोर से पुकारने लगा,‘‘हे दाऊद की संतान यीशु मुझ पर दया कर।’’ ‘‘चुप रहो।’’ कुछ लोगों ने उसे डाँटा। परंतु जितना अधिक वे उसे रोकने की कोशिश करते थे, वह और जोर से चिल्लाता था। जब यीशु ने उसे सुना तो वह रूक गया और कहा, ‘‘उसे बुलाओ।’’ इसलिये लोगों ने उस अंधे व्यक्ति को बुलाया। ‘‘ढाढ़स बांध, ‘‘उन्होंने कहा, ‘‘वह तुझे बुलाता है!’’ बरतियाई अपना कपड़ा फेंककर शीघ्र उठा, और यीशु के पास आया। ‘‘तू क्या चाहता है कि मैं तेरे लिये करूँ?’’ ‘‘हे रब्बी, यह कि मैं देखने लगूँ।’’ और यीशु ने उससे कहा, ‘‘चला जा, तेरे विश्वास ने तुझे चंगा कर दिया है।’’ और तुरंत ही वह अंधा व्यक्ति देखने लगा। और मार्ग में यीशु के पीछे हो लिया।जो पापी आत्मिक रीति से अंधे हो चुके हैं, उन्हें यीशु के पास दौड़कर जाना चाहिये ताकि वे देखने लगें। ऐसी कई बातें है जो हमें यीशु के पास जाने से रोकती हैं जैसे बरतिमाई का कपड़ा जिसे वह लपेटा हुआ था। उसने उस कपड़े को निकालकर फेंक दिया और यीशु की ओर दौड़ा और यह तरकीब बेकार नहीं गई। परमेश्वर ने उसकी आंखों को खोल दिया।एक बार जब हमारी आखें खुल जाती हैं, तब हमें यीशु के पीछे चलना चाहिये। 10. जन्म स अंधा व्यक्ति यूहन्ना 9:1-7 यीशु मंदिर में सिखा रहा था। वहाँ उसका सामना यहूदी अगुवों से हुआ। उसके शब्दों से वे इतने क्रोधित हुए कि उन्होंने उसे मारने के लिये पत्थर भी उठाया। तब यीशु मंदिर छोड़कर चला गया। जब वह जा रहा था तो उसने एक व्यक्ति को देखा जो जन्म से अंधा था। उस जवान अंधे व्यक्ति को देखकर यीशु के चेलों ने यीशु से पूछा कि यह अंधापन किसके पाप के कारण आया था उसके अपने पापों के कारण या उसके माता-पिता के कारण। चेलों ने यह प्रश्न इसलिये पूछा क्योंकि वे सोचते थे कि सभी क्लेश किसी पाप के कारण होते थे। ‘‘नहीं’’ यीशु ने कहा, ‘‘यह न इसके और न इसके माता-पिता के पापों के कारण है।’’ यह इसलिये जन्म से अंधा पैदा हुआ है कि परमेश्वर की सामर्थ उसमें प्रगट हो।’’ यूहन्ना 9:4। तब उसने मिट्टी मे थूका, उसे गीली किया और अंधे व्यक्ति की आखों पर पर लगा दिया।उसने उससे कहा, ‘‘जा शीलोह7 के कुंड में धो ले।’’ (‘शीलोह’ का अर्थ है, भेजा हुआ)।तब वह व्यक्ति गया और धोया और देखते हुए लौटा! यहाँ यीशु के द्वारा एक अंधे को दृष्टि देने का एक और उदाहरण है। बल्कि वह इस कार्य को अनोखे रूप से करता है। उस अंधे व्यक्ति को आखों में मिट्टी लगाए काफी दूर तक जाना पड़ा था अर्थात शीलोह के कुण्ड तक जाना था। उसने ऐसा ही किया और उसे उसके विश्वास का प्रतिफल मिला। 7 शीलोह टायरोपियन घाटी के दक्षिणी छोर पर यरूशलेम की शहरपनाह के भीतर एक जलकुंड है। हिजिकिय्याह ने उसे बनाया और नालियाँ भी बनाया जिससे शहर में पानी लाया गया (2 राजा 20:20)। हिजिकिय्याह ने पानी के गिहोन के उपरी भाग को बंद कर दिया और पानी को दाऊद के नगर के पश्चिमी ओर मोड़ दिया (2 इतिहास 32:30) यीशु के चमत्कार उसके शब्दों को न्यायसंगत ठहराते हैं। ‘‘जगत की ज्योति मैं हूँ जो मेरे पीछे हो लेगा वह अंधकार में न चलेगा, परंतु जीवन की ज्योति पाएगा।’’ (यूहन्ना 8:12)। यीशु मसीह, ‘‘जगत की ज्योति’’, पापी को आत्मिक दृष्टि प्रदान कर सकती है जो आत्मिक रीति से अंधे हैं। जो व्यक्ति जन्म से अंधा था उसने गवाही दिया, ‘‘मैं अंधा था और अब देखता हूँ।’’ क्या आप भी इसी अनुग्रह को, उद्धारकर्ता के पास जाकर प्राप्त करना चाहेंगे जो ‘‘जीवन की ज्योति’’ है?
बाइबल अध्यन
मत्ती अध्याय 9 27 जब यीशु वहां से आगे बढ़ा, तो दो अन्धे उसके पीछे यह पुकारते हुए चले, कि हे दाऊद की सन्तान, हम पर दया कर। 28 जब वह घर में पहुंचा, तो वे अन्धे उस के पास आए; और यीशु ने उन से कहा; क्या तुम्हें विश्वास है, कि मैं यह कर सकता हूं उन्होंने उस से कहा; हां प्रभु। 29 तब उस ने उन की आंखे छूकर कहा, तुम्हारे विश्वास के अनुसार तुम्हारे लिये हो। 30 और उन की आंखे खुल गई और यीशु ने उन्हें चिताकर कहा; सावधान, कोई इस बात को न जाने। 31 पर उन्होंने निकलकर सारे देश में उसका यश फैला दिया॥
मत्ती अध्याय 9 18 वह उन से ये बातें कह ही रहा था, कि देखो, एक सरदार ने आकर उसे प्रणाम किया और कहा मेरी पुत्री अभी मरी है; परन्तु चलकर अपना हाथ उस पर रख, तो वह जीवित हो जाएगी। 19 यीशु उठकर अपने चेलों समेत उसके पीछे हो लिया। 20 और देखो, एक स्त्री ने जिस के बारह वर्ष से लोहू बहता था, उसके पीछे से आकर उसके वस्त्र के आंचल को छू लिया। 21 क्योंकि वह अपने मन में कहती थी कि यदि मैं उसके वस्त्र ही को छू लूंगी तो चंगी हो जाऊंगी। 22 यीशु ने फिरकर उसे देखा, और कहा; पुत्री ढाढ़स बान्ध; तेरे विश्वास ने तुझे चंगा किया है; सो वह स्त्री उसी घड़ी चंगी हो गई। 23 जब यीशु उस सरदार के घर में पहुंचा और बांसली बजाने वालों और भीड़ को हुल्लड़ मचाते देखा तब कहा। 24 हट जाओ, लड़की मरी नहीं, पर सोती है; इस पर वे उस की हंसी करने लगे। 25 परन्तु जब भीड़ निकाल दी गई, तो उस ने भीतर जाकर लड़की का हाथ पकड़ा, और वह जी उठी। 26 और इस बात की चर्चा उस सारे देश में फैल गई।
मरकुस अध्याय 10 46 और वे यरीहो में आए, और जब वह और उसके चेले, और एक बड़ी भीड़ यरीहो से निकलती थी, तो तिमाई का पुत्र बरतिमाई एक अन्धा भिखारी सड़क के किनारे बैठा था। 47 वह यह सुनकर कि यीशु नासरी है, पुकार पुकार कर कहने लगा; कि हे दाऊद की सन्तान, यीशु मुझ पर दया कर। 48 बहुतों ने उसे डांटा कि चुप रहे, पर वह और भी पुकारने लगा, कि हे दाऊद की सन्तान, मुझ पर दया कर। 49 तब यीशु ने ठहरकर कहा, उसे बुलाओ; और लोगों ने उस अन्धे को बुलाकर उस से कहा, ढाढ़स बान्ध, उठ, वह तुझे बुलाता है। 50 वह अपना कपड़ा फेंककर शीघ्र उठा, और यीशु के पास आया। 51 इस पर यीशु ने उस से कहा; तू क्या चाहता है कि मैं तेरे लिये करूं? अन्धे ने उस से कहा, हे रब्बी, यह कि मैं देखने लगूं। 52 यीशु ने उस से कहा; चला जा, तेरे विश्वास ने तुझे चंगा कर दिया है: और वह तुरन्त देखने लगा, और मार्ग में उसके पीछे हो लिया॥
मत्ती अध्याय 20 29 जब वे यरीहो से निकल रहे थे, तो एक बड़ी भीड़ उसके पीछे हो ली। 30 और देखो, दो अन्धे, जो सड़कर के किनारे बैठे थे, यह सुनकर कि यीशु जा रहा है, पुकारकर कहने लगे; कि हे प्रभु, दाऊद की सन्तान, हम पर दया कर। 31 लोगों ने उन्हें डांटा, कि चुप रहें, पर वे और भी चिल्लाकर बोले, हे प्रभु, दाऊद की सन्तान, हम पर दया कर। 32 तब यीशु ने ख़ड़े होकर, उन्हें बुलाया, और कहा; 33 तुम क्या चाहते हो कि मैं तुम्हारे लिये करूं? उन्हों ने उस से कहा, हे प्रभु; यह कि हमारी आंखे खुल जाएं। 34 यीशु ने तरस खाकर उन की आंखे छूई, और वे तुरन्त देखने लगे; और उसके पीछे हो लिए॥
लूका अध्याय 1835 जब वह यरीहो के निकट पहुंचा, तो एक अन्धा सड़क के किनारे बैठा हुआ भीख मांग रहा था। 36 और वह भीड़ के चलने की आहट सुनकर पूछने लगा, यह क्या हो रहा है? 37 उन्होंने उस को बताया, कि यीशु नासरी जा रहा है। 38 तब उस ने पुकार के कहा, हे यीशु दाऊद की सन्तान, मुझ पर दया कर। 39 जो आगे जाते थे, वे उसे डांटने लगे कि चुप रहे: परन्तु वह और भी चिल्लाने लगा, कि हे दाऊद की सन्तान, मुझ पर दया कर। 40 तब यीशु ने खड़े होकर आज्ञा दी कि उसे मेरे पास लाओ, और जब वह निकट आया, तो उस ने उस से यह पूछा। 41 तू क्या चाहता है, कि मैं तेरे लिये करूं? उस ने कहा; हे प्रभु यह कि मैं देखने लगूं। 42 यीशु ने उससे कहा; देखने लग, तेरे विश्वास ने तुझे अच्छा कर दिया है। 43 और वह तुरन्त देखने लगा; और परमेश्वर की बड़ाई करता हुआ उसके पीछे हो लिया, और सब लोगों ने देख कर परमेश्वर की स्तुति की॥
यूहन्ना अध्याय 9 1 फिर जाते हुए उस ने एक मनुष्य को देखा, जो जन्म का अन्धा था। 2 और उसके चेलों ने उस से पूछा, हे रब्बी, किस ने पाप किया था कि यह अन्धा जन्मा, इस मनुष्य ने, या उसके माता पिता ने? 3 यीशु ने उत्तर दिया, कि न तो इस ने पाप किया था, न इस के माता पिता ने: परन्तु यह इसलिये हुआ, कि परमेश्वर के काम उस में प्रगट हों। 4 जिस ने मुझे भेजा है; हमें उसके काम दिन ही दिन में करना अवश्य है: वह रात आनेवाली है जिस में कोई काम नहीं कर सकता। 5 जब तक मैं जगत में हूं, तब तक जगत की ज्योति हूं। 6 यह कहकर उस ने भूमि पर थूका और उस थूक से मिट्टी सानी, और वह मिट्टी उस अन्धे की आंखों पर लगाकर। 7 उस से कहा; जा शीलोह के कुण्ड में धो ले, (जिस का अर्थ भेजा हुआ है) सो उस ने जाकर धोया, और देखता हुआ लौट आया
यूहन्ना अध्याय 8 12 तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा।
प्रश्न-उत्तर
प्र 1. यीशु ने दो अंधे व्यक्तियों को कैसा चंगा किया ?
उप्र 2. यीशु ने बरतिमाई को कैसे चंगा किया ? उसने उस समय क्या किया जब उससे कहा गया कि यीशु उसे बुला रहा है ?
उप्र 3. यीशु के अनुसार वह व्यक्ति जन्म से अंधा क्यों पैदा हुआ था ?
उप्र 4. इन चमत्कारो से हम क्या सबक सीखते है ?
उ
संगीत
जन्म के अंधे को दी आंखे, रोगी लिये बचाए, पाप क्षमा किए सब पापीन के मुर्दे दिये जिलाए, पापी हृदय हम भी लाये धो दो तारणहार।
तेरे सन्मुख शीश नवाते है जग के करतार, डूबे हुओं को दे दो सहारा कर दो बेड़ा पार।