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पाठ 24 : बेलशस्सर की जेवनार



सारांश

बेलशस्सर अपने पिता के समान जीवित परमेश्वर पर भरोसा नहीं रखता था । जब वह राजा बना, तो उसने एक बड़ा जेवनार का आयोजन किया और उसमें अपने हजार प्रधानों को भी बुलाया । उसने अपने दासों से सोने-चाँदी के उन पात्रों को लाने की आज्ञा दी, जिसे नबूकदनेस्सर ने यरूशलेम के परमेश्वर के मंदिर में से निकाल कर लाया था । वह और उसके मेहमान उसमें खाने-पीने लगे । वे अपने सोने, चान्दी, पीतल, लोहे और काठ के देवताओं की स्तुति भी करने लगे । अचानक उन लोगों ने, एक हाथ की अँगुलियों को दीवार पर एक संदेश लिखते हुए देखा । पर कोई भी उसे समझ न सका, कि क्या लिखा है, तब राजा काफी भयभीत और बहुत अधिक घबरा गया । बेलशस्सर ने अपने राज्य के बुद्धिमानों, पण्डितों एवं ज्योतिषियों को उपस्थित होने एवं दीवार पर लिखी हुई बात का वर्णन करने के लिए कहा, पर कोई उसे पढ़ न सका । तब रानी (नबूकदनेस्सर की पत्नी या बेलशस्सर की दादी) आई और उसे एक इस्राएली बन्धुआ के बारे में बतायी, जो उसके पिता के दिनों में परमेश्वर के भेदों को वर्णन करने में सामर्थ था । उसे निश्चय था, कि वह दीवार पर लिखी हुई बात का अर्थ बता देगा । वह कौन था ? क्या आप उस व्यक्ति के बारे में जानते हैं? हां, वह दानिय्येल था । तब दानिय्येल को बुलाया गया । राजा ने उससे पूछा, “क्या तू वही दानिय्येल है, जो मेरे पिता के द्वारा यहूदा देश से लाए हुए यहूदी बंधुओं में से है? मैं ने तेरे विषय में सुना है कि ईश्वर की आत्मा तुझ में रहती है, और प्रकाश, प्रवीणता और उत्तम बुद्धि तुझ में पाई जाती है । यदि तू उस लिखे हुए को पढ़ सके और उसका अर्थ भी मुझे समझा सके, तो तुझे बैजंनी रंग का वस्त्र, और तेरे गले में सोने की कण्ठमाला पहिनाई जाएगी और राज्य में तीसरा तू ही प्रभुता करेगा ।” दानिय्येल ने विनीत भाव से कहा, “मुझे इनाम के रूप में कोई भी उपहार की आवश्यकता नहीं है, पर मैं लिखी हुई बात राजा को पढ़ सुनाऊँगा, और उसका अर्थ भी समझाऊँगा ।” तू जानता है, कि तेरे पिता के साथ क्या हुआ था । उसने अपने सामर्थ पर घमण्ड किया और अपने आप की महीमा की, तब परमेश्वर ने उसे सात वर्ष के लिए राजसिंहासन पर से उतार दिया । यह वह समय था, जिसमें उसने जीवित परमेश्वर के विषय में जाना और विश्वास किया, जो सारे जग के उपर प्रभुता करता है । उसने एक पाठ सीखा लिया, पर तू उससे सीख न पाया । तूने अपना मन कठोर कर लिया और उस परमेश्वर का अपमान किया, जिसने दीवार पर यह संदेश लिखा है । इसका अर्थ यह है, परमेश्वर ने तेरे राज्य के दिन गिनकर उसका अन्त कर दिया है । तू मानो तराजू में तौला गया और हल्का पाया गया है । तेरा राज्य बाँटकर मादियों और फारसियों को दिया गया है । उसी रात बेलशस्सर मार डाला गया और मादी राजा, दारा ने राज्य पर कब्जा कर लिया ।


बाइबल अध्यन

दानिय्येल अध्याय 5 1 बेलशस्सर नाम राजा ने अपने हजार प्रधानों के लिये बड़ी जेवनार की, और उन हजार लोगों के साम्हने दाखमधु पिया॥ 2 दाखमधु पीते पीते बेलशस्सर ने आज्ञा दी, कि सोने-चान्दी के जो पात्र मेरे पिता नबूकदनेस्सर ने यरूशलेम के मन्दिर में से निकाले थे, उन्हें ले आओ कि राजा अपने प्रधानों, और रानियों और रखेलियों समेत उन में से पीए। 3 तब जो सोने के पात्र यरूशलेम में परमेश्वर के भवन के मन्दिर में से निकाले गए थे, वे लाए गए; और राजा अपने प्रधानों, और रानियों, और रखेलियों समेत उन में से पीने लगा॥ 4 वे दाखमधु पी पीकर सोने, चान्दी, पीतल, लोहे, काठ और पत्थर के देवताओं की स्तुति कर ही रहे थे, 5 कि उसी घड़ी मनुष्य के हाथ की सी कई उंगलियां निकल कर दीवट के साम्हने राजमन्दिर की भीत के चूने पर कुछ लिखने लगीं; और हाथ का जो भाग लिख रहा था वह राजा को दिखाई पड़ा। 6 उसे देख कर राजा भयभीत हो गया, और वह अपने सोच में घबरा गया, और उसकी कटि के जोड़ ढ़ीले हो गए, और कांपते कांपते उसके घुटने एक दूसरे से लगने लगे। 7 तब राजा ने ऊंचे शब्द से पुकार कर तन्त्रियों, कसदियों और और होनहार बताने वालों को हाजिर करवाने की आज्ञा दी। जब बाबुल के पण्डित पास आए, तब राजा उन से कहने लगा, जो कोई वह लिखा हुआ पढ़ कर उसका अर्थ मुझे समझाए उसे बैंजनी रंग का वस्त्र और उसके गले में सोने की कण्ठमाला पहिनाई जाएगी; और मेरे राज्य में तीसरा वही प्रभुता करेगा। 8 तब राजा के सब पण्डित लोग भीतर आए, परन्तु उस लिखे हुए को न पढ़ सके और न राजा को उसका अर्थ समझा सके। 9 इस पर बेलशस्सर राजा निपट घबरा गया और भयातुर हो गया; और उसके प्रधान भी बहुत व्याकुल हुए॥ 10 राजा और प्रधानों के वचनों को सुन कर, रानी जेवनार के घर में आई और कहने लगी, हे राजा, तू युगयुग जीवित रहे, अपने मन में न घबरा और न उदास हो। 11 तेरे राज्य में दानिय्येल एक पुरूष है जिसका नाम तेरे पिता ने बेलतशस्सर रखा था, उस में पवित्र ईश्वरों की आत्मा रहती है, और उस राजा के दिनों में उस में प्रकाश, प्रवीणता और ईश्वरों के तुल्य बुद्धि पाई गई। और हे राजा, तेरा पिता जो राजा था, उसने उसको सब ज्योतिषियों, तन्त्रियों, कसदियों और और होनहार बताने वालों का प्रधान ठहराया था, 12 क्योंकि उस में उत्तम आत्मा, ज्ञान और प्रवीणता, और स्वप्नों का फल बताने और पहेलियां खोलने, और सन्देह दूर करने की शक्ति पाई गई। इसलिये अब दानिय्येल बुलाया जाए, और वह इसका अर्थ बताएगा॥ 13 तब दानिय्येल राजा के साम्हने भीतर बुलाया गया। राजा दानिय्येल से पूछने लगा, क्या तू वही दानिय्येल है जो मेरे पिता नबूकदनेस्सर राजा के यहूदा देश से लाए हुए यहूदी बंधुओं में से है? 14 मैं ने तेरे विषय में सुना है कि ईश्वर की आत्मा तुझ में रहती है; और प्रकाश, प्रवीणता और उत्तम बुद्धि तुझ में पाई जाती है। 15 देख, अभी पण्डित और तन्त्री लोग मेरे साम्हने इसलिये लाए गए थे कि यह लिखा हुआ पढ़ें और उसका अर्थ मुझे बताएं, परन्तु वे उस बात का अर्थ न समझा सके। 16 परन्तु मैं ने तेरे विषय में सुना है कि दानिय्येल भेद खोल सकता और सन्देह दूर कर सकता है। इसलिये अब यदि तू उस लिखे हुए को पढ़ सके और उसका अर्थ भी मुझे समझा सके, तो तुझे बैंजनी रंग का वस्त्र, और तेरे गले में सोने की कण्ठमाला पहिनाई जाएगी, और राज्य में तीसरा तू ही प्रभुता करेगा॥ 17 दानिय्येल ने राजा से कहा, अपने दान अपने ही पास रख; और जो बदला तू देना चाहता है, वह दूसरे को दे; वह लिखी हुई बात मैं राजा को पढ़ सुनाऊंगा, और उसका अर्थ भी तुझे समझाऊंगा। 18 हे राजा, परमप्रधान परमेश्वर ने तेरे पिता नबूकदनेस्सर को राज्य, बड़ाई, प्रतिष्ठा और प्रताप दिया था; 19 और उस बड़ाई के कारण जो उसने उसको दी थी, देश-देश और जाति जाति के सब लोग, और भिन्न-भिन्न भाषा बोलने वाले उसके साम्हने कांपते और थरथराते थे, जिसे वह चाहता उसे वह घात करता था, और जिस को वह चाहता उसे वह जीवित रखता था जिसे वह चाहता उसे वह ऊंचा पद देता था, और जिस को वह चाहता उसे वह गिरा देता था। 20 परन्तु जब उसका मन फूल उठा, और उसकी आत्मा कठोर हो गई, यहां तक कि वह अभिमान करने लगा, तब वह अपने राजसिंहासन पर से उतारा गया, और उसकी प्रतिष्ठा भंग की गई; 21 वह मनुष्यों में से निकाला गया, और उसका मन पशुओं का सा, और उसका निवास जंगली गदहों के बीच हो गया; वह बैलों की नाईं घास चरता, और उसका शरीर आकाश की ओस से भीगा करता था, जब तक कि उसने जान न लिया कि परमप्रधान परमेश्वर मनुष्यों के राज्य में प्रभुता करता है और जिसे चाहता उसी को उस पर अधिकारी ठहराता है। 22 तौभी, हे बेलशस्सर, तू जो उसका पुत्र है, और यह सब कुछ जानता था, तौभी तेरा मन नम्र न हुआ। 23 वरन तू ने स्वर्ग के प्रभु के विरुद्ध सिर उठा कर उसके भवन के पात्र मंगवा कर अपने साम्हने धरवा लिए, और अपने प्रधानों और रानियों और रखेलियों समेत तू ने उन में दाखमधु पिया; और चान्दी-सोने, पीतल, लोहे, काठ और पत्थर के देवता, जो न देखते न सुनते, न कुछ जानते हैं, उनकी तो स्तुति की, परन्तु परमेश्वर, जिसके हाथ में तेरा प्राण है, और जिसके वश में तेरा सब चलना फिरना है, उसका सन्मान तू ने नहीं किया॥ 24 तब ही यह हाथ का एक भाग उसी की ओर से प्रगट किया गया है और वे शब्द लिखे गए हैं। 25 और जो शब्द लिखे गए वे ये हैं, मने, मने, तकेल, और ऊपर्सीन। 26 इस वाक्य का अर्थ यह है, मने, अर्थात परमेश्वर ने तेरे राज्य के दिन गिनकर उसका अन्त कर दिया है। 27 तकेल, तू मानो तराजू में तौला गया और हलका पाया गया। 28 परेस, अर्थात तेरा राज्य बांट कर मादियों और फारसियों दिया गया है॥ 29 तब बेलशस्सर ने आज्ञा दी, और दानिय्येल को बैंजनी रंग का वस्त्र और उसके गले में सोने की कण्ठमाला पहिनाई गई; और ढिंढोरिये ने उसके विषय में पुकारा, कि राज्य में तीसरा दानिय्येल ही प्रभुता करेगा॥ 30 उसी रात कसदियों का राजा बेलशस्सर मार डाला गया। 31 और दारा मादी जो कोई बासठ वर्ष का था राजगद्दी पर विराजमान हुआ॥


संगीत

छोटी छोटी जीवन गाड़ी हाथ से नहीं बनती है दूर दूर वह जाती है, कैसी अद्भुत गाड़ी है। (2) 1 दो स्टेशन होते है, स्वर्ग और नरक बोलते है , मार्ग जो स्वर्ग को जाता है, बाईबल में वह मिलता है । 2 इन्जन डराइवर यीशु नहीं है तो गाड़ी बेशक रूकती है, मौत की घण्टी बजती है, तभी गाड़ी रूकती है ।


प्रश्न-उत्तर

प्र 1 : बेलशस्सर कौन था ?उ 1 : बेलशस्सर बाबुल का राजा था ।

प्र 2 : परमेश्वर ने उसे कैसे संदेश भेजा ?उ 2 : परमेश्वर ने बेलशस्सर को अपना संदेश दीवार पर मनुष्य के हाथ की सी कई उँगलियाँ द्वारा लिखते हुए भेजा ।

प्र 3 : राजा को दानिय्येल के बारे मे किसने बताया ?उ 3 : राजा को दानिय्येल के बारे मे नबूकदनेस्सर की पत्नी ने बताया था ।

प्र 4 : हस्तलेख का क्या अर्थ था ?उ 4 : हस्तलेख का यह अर्थ था कि परमेश्वर ने राजा बेलशस्सर के राज्य के दिन गिनकर उसका अंत कर दिया है । परमेश्वर ने उसे तराजू मे तोला पर वह हल्का पाया गया और उसका राज्य बाँटकर मादियों और फारसियों को दिया गया है ।

प्र 5 : दानिय्येल उस संदेश का अर्थ क्यों बात सका ?उ 5 : दानिय्येल उस संदेश का अर्थ इसलिये बात सक क्योंकि परदानिय्येलमेश्वर ने उसे सब प्रकार के दर्शन और स्वपन के अर्थ का ज्ञानी बनाया था ।

प्र 6 : राजा ने दानिय्येल को किस प्रतिफल का वायदा किया था ?उ 6 : राजा ने दानिय्येल को यह प्रतिफल का वायदा किया था कि उसे बैजनी रंग का वस्त्र, और सोने की कंठमाला पहनाई जाएगी और राज्य मे तीसरा दानिय्येल ही प्रभुता करेगा ।

प्र 7 : बेलशस्सर के साथ क्या हुआ ?उ 7 : बेलशस्सर उस रात मारा गया और मादी राजा दायर गद्दी पर बैठ गया ।