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पाठ 4 : मनुष्य का पतन



सारांश

आदम और वह स्त्री जिसे परमेश्वर ने उसे दी थी वे किस तरह अदन के सुन्दर वाटिका में रहते थे हम सीख चुके है। आप को याद होगा कि वाटिका के मध्य में दो पेड़ थे। उनको किस नाम से जाना जाता था? भले और बुरे के ज्ञान के पेड़ के फल के विषय में परमेश्वर ने आदम को क्या आज्ञा दी थी? एक दिन शैतान वाटिका में आया। उसे घमण्ड के कारण स्वर्ग से निकाला गया था। वह परमेश्वर के विरुद्ध क्रोधित था, और अदन की वाटिका का आनन्द और परमेश्वर की सृष्टि की एकता को भंग करना चाहता था। वह स्त्री के पास जब वो अकेली थी सांप के रुप में आया। उसने स्त्री से कहा! क्या परमेश्वर ने सचमुच कहा है कि वाटिका के किसी भी वृक्ष का फल नहीं खाना? स्त्री ने उत्तर दिया,” हम वाटिका के वृक्षों के फल खा सकते है, परन्तु परमेश्वर ने ये जरुर कहा है कि हम वाटिका के बीच के वृक्ष का फल न खांए और न उसे छुए, नहीं तो हम मर जाएंगे “ तौभी शैतान ने कहा, तुम नहीं मरोगी, परन्तु यदि तुम इस फल को खाओगी तो परमेश्वर के समान हो जाओगी, और भले बुरे का ज्ञान पाओगी। स्त्री ने परमेश्वर के वचनों पर भरोसा करने के बजाए शैतान की बातों पर मन लगाया। जब उसने देखा कि उस वृक्ष का फल खाने में अच्छा और आंखों को भी भानेवाला है और उस से ज्ञान भी बढ़ता है, उसने उस फल को खाया और अपने पति को भी दिया। और उसने भी वह फल खाया। तब उन्हों ने परमेश्वर से पाई हुई महिमा को खो दिया। उन्हे ज्ञान हुआ कि हम नंगे है। अपने आप को ढंपने के लिए उन्हों ने अंजीर के पत्तों को बुना। परमेश्वर की आज्ञा का उल्ंधन करने के कारण वे दोषी पाए गए और परमेश्वर की संगती को खो दिया। उनकी आत्मिक मृत्यु हो गई। इसीलिए जब उन्हों ने सांझ के समय परमेश्वर के आने की आहट सुनी तों अपने आप को वाटिका के वृक्षों में छिपा लिया। परमेश्वर ने उन्हे पुकारा, ” आदम तु कहां है? “ आदम ने कहा, ”मैं नंगा हूं।“ तब परमेश्वर ने उस से पूछा ”क्या तूने उस वृक्ष का फल खाया जिसे खाने के लिए मैने मना किया था?“ आदम ने कहा, स्त्री ने मुझे फल दिया और मैने खाया। स्त्री ने कहा कि सांप ने उसे धोखा दिया था। तब परमेश्वर ने सांप को कहा, ” ऐसा करने के कारण तू श्रापित है, तू अपने पेट के बल चलेगा और पृथ्वी की धुल ही तेरा भोजन होगा। स्त्री का वंश तेरी सिर को घायाल करेगा और तू उसकी एड़ी को डसेगा।“ स्त्री को परमेश्वर ने कहा! ” मै तेरी पीड़ा को बढ़ाऊंगा, तेरा पति तुझ पर राज करेगा। “ तब परमेश्वर ने आदम से कहा कि धरती तेरे कारण श्रापित है। वह तुझे पहले की तरह भोजन नही देगी, उसे मेहनत करके भोजन वस्तुओं को उपजाना होगा। उसने आदम को ऐसा भी कहा कि, तू मिट्टी है और मिट्टी में ही मिल जायेगा । है और धुल ही में मिल जाएगा “ तब परमेश्वर ने उनको पहनने के लिए चमड़े का वस्त्र बनाया । चमड़े के लिए एक पशु को मारना पड़ा। आदम ने जाना कि उसके पाप ने संसार मे मृत्यु को लाया। परमेश्वर ने पुरुष और स्त्री को अदन की वाटिका में से बाहर निकाला, और जीवन के वृक्ष की रक्षा करने के लिए तेजोमय तलवार के साथ करुबो को नियुक्त किया। मनुष्य ने वाटिका के बाहर एक अलग प्रकार का जीवन आरम्भ किया। अनाज्ञाकारिता के कारण उन्हों ने परमेश्वर की उपस्थिती को खो दिया। उनके पाप के कारण संसार में बीमारी, दुख, भय, गरीबी और मृत्यु आई।


बाइबल अध्यन

उत्पत्ति 3 1 जब आदम अपनी पत्नी हव्वा के पास गया तब उसने गर्भवती हो कर कैन को जन्म दिया और कहा, मैं ने यहोवा की सहायता से एक पुरूष पाया है। 2 फिर वह उसके भाई हाबिल को भी जन्मी, और हाबिल तो भेड़-बकरियों का चरवाहा बन गया, परन्तु कैन भूमि की खेती करने वाला किसान बना। 3 कुछ दिनों के पश्चात कैन यहोवा के पास भूमि की उपज में से कुछ भेंट ले आया। 4 और हाबिल भी अपनी भेड़-बकरियों के कई एक पहिलौठे बच्चे भेंट चढ़ाने ले आया और उनकी चर्बी भेंट चढ़ाई; तब यहोवा ने हाबिल और उसकी भेंट को तो ग्रहण किया, 5 परन्तु कैन और उसकी भेंट को उसने ग्रहण न किया। तब कैन अति क्रोधित हुआ, और उसके मुंह पर उदासी छा गई। 6 तब यहोवा ने कैन से कहा, तू क्यों क्रोधित हुआ? और तेरे मुंह पर उदासी क्यों छा गई है? 7 यदि तू भला करे, तो क्या तेरी भेंट ग्रहण न की जाएगी? और यदि तू भला न करे, तो पाप द्वार पर छिपा रहता है, और उसकी लालसा तेरी और होगी, और तू उस पर प्रभुता करेगा। 8 तब कैन ने अपने भाई हाबिल से कुछ कहा: और जब वे मैदान में थे, तब कैन ने अपने भाई हाबिल पर चढ़ कर उसे घात किया। 9 तब यहोवा ने कैन से पूछा, तेरा भाई हाबिल कहां है? उसने कहा मालूम नहीं: क्या मैं अपने भाई का रखवाला हूं? 10 उसने कहा, तू ने क्या किया है? तेरे भाई का लोहू भूमि में से मेरी ओर चिल्ला कर मेरी दोहाई दे रहा है! 11 इसलिये अब भूमि जिसने तेरे भाई का लोहू तेरे हाथ से पीने के लिये अपना मुंह खोला है, उसकी ओर से तू शापित है। 12 चाहे तू भूमि पर खेती करे, तौभी उसकी पूरी उपज फिर तुझे न मिलेगी, और तू पृथ्वी पर बहेतू और भगोड़ा होगा। 13 तब कैन ने यहोवा से कहा, मेरा दण्ड सहने से बाहर है। 14 देख, तू ने आज के दिन मुझे भूमि पर से निकाला है और मैं तेरी दृष्टि की आड़ मे रहूंगा और पृथ्वी पर बहेतू और भगोड़ा रहूंगा; और जो कोई मुझे पाएगा, मुझे घात करेगा। 15 इस कारण यहोवा ने उससे कहा, जो कोई कैन को घात करेगा उससे सात गुणा पलटा लिया जाएगा। और यहोवा ने कैन के लिये एक चिन्ह ठहराया ऐसा ने हो कि कोई उसे पाकर मार डाले॥ 16 तब कैन यहोवा के सम्मुख से निकल गया, और नोद नाम देश में, जो अदन के पूर्व की ओर है, रहने लगा। 17 जब कैन अपनी पत्नी के पास गया जब वह गर्भवती हुई और हनोक को जन्मी, फिर कैन ने एक नगर बसाया और उस नगर का नाम अपने पुत्र के नाम पर हनोक रखा। 18 और हनोक से ईराद उत्पन्न हुआ, और ईराद ने महूयाएल को जन्म दिया, और महूयाएल ने मतूशाएल को, और मतूशाएल ने लेमेक को जन्म दिया। 19 और लेमेक ने दो स्त्रियां ब्याह ली: जिन में से एक का नाम आदा, और दूसरी को सिल्ला है। 20 और आदा ने याबाल को जन्म दिया। वह तम्बुओं में रहना और जानवरों का पालन इन दोनो रीतियों का उत्पादक हुआ। 21 और उसके भाई का नाम यूबाल है: वह वीणा और बांसुरी आदि बाजों के बजाने की सारी रीति का उत्पादक हुआ। 22 और सिल्ला ने भी तूबल्कैन नाम एक पुत्र को जन्म दिया: वह पीतल और लोहे के सब धार वाले हथियारों का गढ़ने वाला हुआ: और तूबल्कैन की बहिन नामा थी। 23 और लेमेक ने अपनी पत्नियों से कहा, हे आदा और हे सिल्ला मेरी सुनो; हे लेमेक की पत्नियों, मेरी बात पर कान लगाओ: मैंने एक पुरूष को जो मेरे चोट लगाता था, अर्थात एक जवान को जो मुझे घायल करता था, घात किया है। 24 जब कैन का पलटा सात गुणा लिया जाएगा। तो लेमेक का सत्तर गुणा लिया जाएगा। 25 और आदम अपनी पत्नी के पास फिर गया; और उसने एक पुत्र को जन्म दिया और उसका नाम यह कह के शेत रखा, कि परमेश्वर ने मेरे लिये हाबिल की सन्ती, जिस को कैन ने घात किया, एक और वंश ठहरा दिया है। 26 और शेत के भी एक पुत्र उत्पन्न हुआ; और उसने उसका नाम एनोश रखा, उसी समय से लोग यहोवा से प्रार्थना करने लगे॥


संगीत

खबरदार छोटी आँख क्या देखती ? क्योंकि परमेश्वर आसमान से नीचे देखता प्यार से खबरदार छोटी आँख क्या देखती ? खबरदार छोटे कान क्या सुनते ? खबरदार छोटा मुँह क्या बोलता ? खबरदार छोटे हाथ क्या करते ? खबरदार छोटे पाँव कहाँ जाते ? खबरदार छोटा दिल क्या सोचता ?


प्रश्न-उत्तर

प्र 1: परमेश्वर की आज्ञा तोड़ने के लिये किसने हव्वा को लुभाया ?उ 1: परमेश्वर की आज्ञा तोड़ने के लिया शैतान ने हव्वा को लुभाया ।

प्र 2 : क्या हुआ जब उन्होंने उस फल को खाया ?उ 2 : जब आदम और हव्वा ने उस फल को खाया तब उन्होंने परमेश्वर की महिमा को खो दिया और उन्हे मालूम हुआ कि वे नंगे हैं ।

प्र 3 : सर्प को क्या श्राप मिला ?उ 3 : सर्प को यह श्राप मिला कि वह पेट के बल चला करेगा और जीवन भर मिट्टी चाटता रहेगा । स्त्री का वंश तेरे सिर को कुचलेगा और तू उसकी एड़ी को डसेगा ।

प्र 4 : आदम को क्या दंड मिला ?उ 4 : परमेश्वर ने आदम से कहा कि भूमि उसके कारण श्रापित है और अब भोजन प्राप्त करने के लिये उसे पसीना बहाना पड़ेगा । मिट्टी से बना आदम मिट्टी मे ही मिल जायगा ।